श्रीनिवास रामानुजन (1887-1920) एक स्वाध्यायी भारतीय गणितज्ञ थे जिन्होंने असाधारण परिणाम दिए। 1914 में दिया गया उनका श्रेणी-सूत्र 1/pi = (2*sqrt(2)/9801) * sum of (4n)!(1103+26390n)/((n!)^4 * 396^(4n)) प्रति पद लगभग 8 दशमलव अंक जोड़ता है और आधुनिक पाई-गणना की नींव बना रहा। विभाजन फलन p(n) के लिए उनका सूत्र पहला सटीक परिणाम था। रामानुजन का नियतांक e^(pi*sqrt(163)) ≈ 262537412640768743.99999999999925, j-फलन के गुणों के कारण लगभग पूर्णांक निकलता है।
उपयोग क्षेत्र
∑गणित
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⚛भौतिकी
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⚙अभियांत्रिकी
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🧬जीवविज्ञान
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💻कंप्यूटर विज्ञान
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📊सांख्यिकी
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📈वित्त
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🎨कला
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🏛वास्तुकला
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♪संगीत
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🔐क्रिप्टोग्राफ़ी
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🌌खगोलविज्ञान
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⚗रसायनविज्ञान
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🦉दर्शनशास्त्र
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🗺भूगोल
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🌿पारिस्थितिकी
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Question
एक छोटी Heegner संख्या के साथ इसी घटना का सरल उदाहरण दीजिए।